प्रयागराज में कल योगी कैबिनेट की बैठक, मंत्रियों संग संगम में डुबकी लगाएंगे सीएम

Vishal Singh | धर्म | 72

कल (22-01-25) प्रयागराज महाकुंभ में एक ऐतिहासिक और अनोखा दृश्य देखने को मिलेगा, जब योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट बैठक त्रिवेणी संगम के पवित्र किनारे आयोजित होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल के सभी 54 सदस्यों के साथ गंगा स्नान करेंगे।

प्रयागराज महाकुंभ के दौरान योगी सरकार की कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रियों के साथ त्रिवेणी संगम में गंगा स्नान करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले भी सीएम योगी अपने मंत्रिमंडल के साथ संगम में डुबकी लगा चुके हैं।

 


कैबिनेट बैठक: नए फैसलों की सौगात

योगी सरकार की यह बैठक बुधवार दोपहर 12 बजे अरैल स्थित त्रिवेणी संकुल में आयोजित होगी। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़ी कई नई योजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। यह बैठक महाकुंभ की पवित्रता और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से महाकुंभ क्षेत्र में आयोजित की जा रही है।

बैठक के आयोजन स्थल को मेला प्राधिकरण के सभागार से बदलकर त्रिवेणी संकुल में शिफ्ट किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को वीआईपी सुरक्षा के कारण किसी प्रकार की असुविधा न हो।


"डुबकी लगाकर होगी आस्था और कर्तव्य की संगम यात्रा"

बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे। यह पहली बार नहीं है जब सीएम योगी अपने मंत्रियों के साथ संगम स्नान करेंगे। 2019 के कुंभ मेले में भी उन्होंने अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ संगम की पावन धारा में डुबकी लगाई थी। तब उनके साथ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि समेत कई साधु-संत भी स्नान में शामिल हुए थे।


श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि कैबिनेट बैठक और संगम स्नान के दौरान आम तीर्थयात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

बैठक स्थल के आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि सब कुछ सुचारू रूप से संपन्न हो सके। साथ ही, प्रशासन ने श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किए हैं।


महाकुंभ में आध्यात्म और राजनीति का संगम

महाकुंभ जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में योगी सरकार का यह कदम उनकी आस्था और शासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बैठक न केवल प्रदेश के विकास के लिए नए दरवाजे खोलेगी, बल्कि एक संदेश भी देगी कि प्रशासन और आध्यात्मिकता का संगम कैसे किया जा सकता है।

कल की यह ऐतिहासिक घटना प्रयागराज महाकुंभ को एक नई पहचान देगी। सभी की नजरें इस अनोखी कैबिनेट बैठक और संगम स्नान पर टिकी हैं।