वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित होने के बाद अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में वर्तमान में कुल 237 सदस्य हैं, जिसमें बहुमत का आंकड़ा 119 है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास 112 सदस्य हैं, जिसमें भाजपा के 96 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, एनडीए को छह नामांकित और एक निर्दलीय सदस्य का समर्थन भी प्राप्त है, जिससे उनकी कुल संख्या 119 हो जाती है।
लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पारित हो गया। इस पर करीब 12 घंटे तक मैराथन बहस चली, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विरोध जताते हुए बिल की प्रति फाड़ दी।
विधेयक पर जोरदार बहस
बिल पेश करते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर सुधार जरूरी है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इसे संविधान की मूल भावना पर हमला बताया। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि "यह कानून सभी को स्वीकार करना होगा" और विपक्ष मुसलमानों को गुमराह कर रहा है।
बिल पारित, मत विभाजन में 288 के पक्ष में वोट
रात 12 बजे मत विभाजन हुआ, जिसमें 288 सांसदों ने समर्थन किया और 232 ने विरोध। सरकार के तीन संशोधन स्वीकार किए गए, जबकि विपक्ष के संशोधन खारिज कर दिए गए। विपक्ष के कड़े विरोध के बावजूद सरकार ने बिल पारित करा लिया, अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
अब राज्यसभा में पास होगा वक़्फ़ बिल
वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित होने के बाद अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में वर्तमान में कुल 237 सदस्य हैं, जिसमें बहुमत का आंकड़ा 119 है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास 112 सदस्य हैं, जिसमें भाजपा के 96 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, एनडीए को छह नामांकित और एक निर्दलीय सदस्य का समर्थन भी प्राप्त है, जिससे उनकी कुल संख्या 119 हो जाती है। इस प्रकार, एनडीए राज्यसभा में बहुमत के करीब है, लेकिन पूर्ण बहुमत से थोड़ा पीछे है।
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