अब तक महाकुम्भ में 15 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

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दूसरा अमृत स्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर होगा, 17 दिनों में 15 करोड़ से अधिक लोग पवित्र संगम में डुबकी

महाकुंभ में श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब नया रिकॉर्ड बना रहा है। अब तक 17 दिनों में 15 करोड़ से अधिक लोग पवित्र संगम में डुबकी लगा चुके हैं। आज सुबह 8 बजे तक ही 55.07 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। मकर संक्रांति के दिन 3.5 करोड़ लोगों ने स्नान किया था। महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान कल, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर होगा। स्नान का शुभारंभ ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5 बजे से शुरू होगा। इस पावन मौके पर 8 से 10 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान है। बता दें की महाकुंभ में करीब 10 लाख श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं। यह अद्भुत आयोजन, जिसमें श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या शामिल हो रही है, कुंभ के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बन गया है।

मौनी अमावस्या क्यों महत्वपूर्व मानी जाती है ? 
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। मौनी अमावस्या का प्रारंभ 28 जनवरी को संध्याकाल 07 बजकर 35 मिनट पर होगा और समापन 29 जनवरी को शाम 06 बजकर 05 मिनट पर होगा। साधक 29 जनवरी के दिन सुविधा अनुसार समय पर स्नान-ध्यान कर भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। इस दिन मौन रखकर उपवास और स्नान का विशेष महत्व है।  मौनी का अर्थ है मौन और इस दिन मौन रहकर आत्मशांति और संयम का पालन करने से मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है. इस अवसर पर चावल का दान करना चाहिए। मान्यता है कि सुख-समृद्धि आती है। मौनी अमावस्या के दिन तिल या तिल के लड्डू का दान कर सकते हैं। मौनी अमावस्या के दिन वस्त्र और कंबल के दान कर सकते हैं।

मौनी अमावस्या के लिए खास तैयारी
मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए हैं। संगम क्षेत्र में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रैफिक व्यवस्थाएं की गई हैं। महाकुंभ में उमड़ती आस्था की यह गंगा भारतीय संस्कृति और धर्म की गहरी जड़ों को दर्शाती है। कल के अमृत स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। 

अखाड़ों का स्नान समय
मौनी अमावस्या पर अखाड़ों के स्नान का सिलसिला पूरे दिन चलेगा। निर्धारित समय के अनुसार, सभी अखाड़े संगम में स्नान करेंगे:
➡ सुबह 5 बजे: सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के नागा संन्यासी स्नान करेंगे।
➡ सुबह 5.50 बजे: श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा और आनंद अखाड़ा स्नान करेंगे।
➡ सुबह 6.45 बजे: जूना अखाड़ा, अवाहन अखाड़ा और पंच अग्नि अखाड़ा संगम में स्नान करेंगे।
➡ सुबह 9.25 बजे: बैरागी अखाड़े के संत स्नान करेंगे।
➡ सुबह 10.05 बजे: दिगंबर अखाड़े के साधु-संतों का स्नान होगा।
➡ सुबह 11.05 बजे: निर्मोही अखाड़ा संगम में डुबकी लगाएगा।
➡ दोपहर 12 बजे: पंचायती अखाड़ा अमृत स्नान करेगा।
➡ दोपहर 1.05 बजे: पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन स्नान करेगा।
➡ दोपहर 2.25 बजे: अंतिम स्नान पंचायती निर्मल अखाड़ा करेगा।