पाकिस्तान ने ट्रेन अपहरण के लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार

Vishal Singh | बड़ी खबर | 61

सनाउल्लाह ने कहा कि "इसमें कोई शक नहीं कि ये सब भारत कर रहा है और अफगानिस्तान इन आतंकियों को सेफ हेवन (सुरक्षित पनाहगाह) देता है।"

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने एक बार फिर बेतुके और बेबुनियाद आरोप लगाकर भारत पर ट्रेन अपहरण की साजिश रचने का दावा किया है। सनाउल्लाह ने कहा कि बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के इस आतंकी हमले के पीछे भारत का हाथ है और यह सब अफगानिस्तान के जरिए ऑपरेट किया जा रहा है।

क्या है मामला?
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक करने और 450 लोगों को बंधक बनाने का दावा किया था। इस दौरान हुई झड़प में छह पाकिस्तानी सैनिकों की मौत भी हो चुकी है। बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तानी सेना की बर्बरता और मानवाधिकार उल्लंघन का शिकार रहा है।

जब पाकिस्तानी चैनल डॉन के एक पत्रकार ने राणा सनाउल्लाह से सवाल किया कि क्या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूच विद्रोहियों के बीच कोई संबंध है, तो उन्होंने सीधा जवाब देने की बजाय भारत पर आरोप मढ़ दिया। सनाउल्लाह ने कहा कि "इसमें कोई शक नहीं कि ये सब भारत कर रहा है और अफगानिस्तान इन आतंकियों को सेफ हेवन (सुरक्षित पनाहगाह) देता है।"

पाकिस्तान की खोखली दलीलें और दोहरे मापदंड
यह कोई पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने अपनी असफलताओं और आतंकी हमलों का दोष भारत पर मढ़ने की कोशिश की है। पाकिस्तान खुद दशकों से आतंकवाद को पालता-पोसता आया है और इसकी धरती पर कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं। तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों को पाकिस्तान का खुला समर्थन मिला हुआ है। खुद पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी ISI आतंकियों की मदद करते रहे हैं। पाकिस्तान ने बलूच लोगों के साथ द्वितीय श्रेणी के नागरिकों जैसा व्यवहार किया है। बलूचिस्तान के खजाने से पाकिस्तान मुनाफा कमा रहा है, लेकिन वहां की जनता बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित है। पिछले कुछ सालों में बलूचिस्तान में कई बार पाकिस्तानी सेना के खिलाफ विद्रोह देखने को मिला है।

पाकिस्तान अपनी नाकामी का ठीकरा भारत पर फोड़ने में व्यस्त
बलूच लिबरेशन आर्मी का हमला पाकिस्तान की नाकाम सुरक्षा नीति का नतीजा है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी लेने के बजाय पाकिस्तानी नेता भारत पर ऊल-जुलूल आरोप लगा रहे हैं। राणा सनाउल्लाह का यह बयान पाकिस्तान की पुरानी आदत को ही दोहराता है—अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भारत पर दोष मढ़ देना। लेकिन इस बार भी पाकिस्तान की यह चाल दुनिया के सामने बेनकाब हो चुकी है।