कृत्रिम बुद्धिमत्ता नहीं ले सकती मानव बुद्धिमता का स्थान, कार्यक्रम बेहतर बनाने के लिए योजना बनाना है अति आवश्यक: कुलपति
मंगलायतन विश्वविद्यालय के वार्षिकोत्सव अथर्वा खेल एवं सांस्कृतिक उत्सव के शानदार आयोजन के उपलक्ष्य में प्रशंसा समारोह का आयोजन मुख्य सभागार में किया गया। इस दौरान उत्सव को सफल बनाने में सहयोग करने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के समन्वयक व स्वयंसेवकों को प्रतीक चिन्ह व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय खेल एवं सांस्कृतिक उत्सव अथर्वा का आयोजन 26 फरवरी से एक मार्च तक किया गया था। जिसमें विद्यार्थियों के बढ़ चढ़कर प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं स्टार नाइट में वाॅलीबुड गायक इंदीप बख्शी के गीतों की सुर लहरी का लुत्फ उठाया था।
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने सभी को बेहतर कार्यक्रम के आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि स्वयं का अवलोकन करते हुए आगे और बेहतर करने की आवश्यकता है। उन्होंने अप्रैल में आयोजित होने वाले दक्ष कार्यक्रम की सफलता के लिए अभी से योजना तैयार करने का आह्वान किया। बताया कि किसी कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए योजना बनाना अति आवश्यक है।
प्रति कुलपति प्रो. सिद्दी विरेशम ने कहा कि पांच दिवसीय आयोजन अच्छा रहा सभी सहयोगी बधाई के पात्र हैं। कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने अथर्वा उत्सव पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आगे भी सभी को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना चाहिए। प्रो. सिद्धार्थ जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन वीर प्रताप व चेतना सिंह ने किया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता नहीं ले सकती मानव बुद्धिमता का स्थान
मंगलायतन विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग क्षेत्र के दो प्रमुख वक्ताओं ने डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से उद्योग 5.0 के बारे में विचार व्यक्त किए।
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता कभी भी मानव बुद्धिमता का स्थान नहीं ले सकती, क्योंकि मशीन में भावनाएं नहीं होतीं। प्रति कुलपति प्रो. सिद्दी विरेशम ने कहा कि इस प्रकार के अतिथि व्याख्यानों से विद्यार्थियों में ज्ञान का विकास होता है।
वक्ता इं. अनुज कुमार सक्सेना ने थ्रीडी प्रिंटिंग और सीआरईओ 10.0 के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों में जॉब प्लेसमेंट के संबंध में बताया। वक्ता इं. हेमलता भास्कर ने उद्योग में आईओटी, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग के साथ ही उद्योग क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयरों के उपयोग की जानकारी दी। सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग में भविष्य कैसे बना सकते हैं यह भी विद्यार्थियों ने जाना।
निदेशक इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी डा. किशन पाल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समन्वयक अवतार सिंह कुंतल, श्वेता भारद्वाज रहीं। इस अवसर पर डा. जावेद वसीम, डा. हरित प्रियदर्शी, कुणाल आदि थे।
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