जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा, यहां पढ़ें भगवान गणेश जी की पूरी आरती

Vishal Singh | धर्म | 103

हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार किसी भी शुभ कार्य से पहले सच्चे मन से भगवान गणेश जी की आरती की जाती है। गणपति की आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।

हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार किसी भी शुभ कार्य से पहले सच्चे मन से भगवान गणेश जी की आरती की जाती है। गणपति की आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आरती करने से  मनोवांछित फल की प्राप्ति होती। इससे नकारात्मक शक्तियों का अंत होता है और सद्बुद्धि आती है। साथ ही सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती हैं। 

यहां पढ़ें गणेश की आरती

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी। 
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।। .

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया। 
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।। 

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा  
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा। 

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी। 
कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा  
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।