भारी कीचड़ और गिरते पत्थरों के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) कई स्थानों पर पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इसके चलते सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं और ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ा है।
जम्मू-कश्मीर का रामबन ज़िला इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते 24 घंटों से जारी तेज़ बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने हालात को और भी भयावह बना दिया है।
सबसे गंभीर असर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर पड़ा है, जो इस क्षेत्र की जीवन रेखा मानी जाती है। भारी कीचड़ और गिरते पत्थरों के कारण यह कई स्थानों पर पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इसके चलते सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं और ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ा है।
स्थिति के मुख्य बिंदु:
कई घरों में पानी घुस चुका है, जिससे बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमारों की सुरक्षा खतरे में है। मान बनिहाल में 71 मिमी, काजी कुंड में 53 मिमी, कुकरनाग में 43 मिमी, पहलगाम में 34 मिमी और श्रीनगर में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। श्रीनगर के दक्षिण हिस्सों में 80-100 मिमी तक बारिश हुई है। रामबन के कई इलाकों में घरों के जमींदोज होने की भी खबर है।
सुरक्षा और राहत कार्य जारी
प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार बारिश उनके प्रयासों में बाधा डाल रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। स्कूलों को बंद कर दिया गया है और लोगों से अफवाहों से दूर रहने की भी अपील की गई |
Related Items
सावधान! चक्रवाती तूफान सक्रिय, 13 राज्यों में बारिश-आंधी-तूफान का अलर्ट
यूपी-बिहार में बारिश से लौटेगी ठंड, जबकि इस राज्य में फरवरी में पड़ेगी भीषण गर्मी
बारिश के दौरान उत्पन्न जल भराव के संबंध में बीडीओ, ईओ, नगर निगम के स्तर से तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित किया जाए: डीएम अलीगढ