डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी कहा है कि सरकार अब चारा घोटाले में डकारे गए पूरे 950 करोड़ रुपये दोषियों से वसूलकर सरकारी खजाने में डालेगी।
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने चारा घोटाले को लेकर बड़ा बयान दिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि चारा घोटाले में डकारे गए 950 करोड़ रुपये की राशि दोषियों से वसूली जाएगी और इसे सरकार के खजाने में डाला जाएगा।
सम्राट चौधरी का सख्त रुख
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि चारा घोटाले से जुड़े दोषियों की संपत्ति जब्त कर सरकारी खजाने में राशि जमा कराई जाएगी। उन्होंने कहा, "सरकार का पैसा सरकार के पास लाना है और इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।"
लालू यादव पर फिर से निशाना
गौरतलब है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव को चारा घोटाले में दोषी करार दिया गया था। सम्राट चौधरी ने कहा, "यह निर्णय न्यायालय का था और उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। लालू यादव हो या कोई और, जिसने भी घोटाला किया है, उनकी संपत्ति जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
कोर्ट के आदेश के बाद होगी कार्रवाई
बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने कहा कि अदालत पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "कोर्ट का फैसला 28 साल पहले आया था, सुप्रीम कोर्ट तक से सजा हो चुकी है। अब संपत्ति को जब्त कर सरकारी खजाने में राशि डाली जाएगी।"
चुनावी माहौल में राजनीतिक हलचल
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सरकार के इस बयान से राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता सकता है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई करार दे रहा है। अब देखना यह होगा कि चुनावी माहौल में इस फैसले का क्या असर पड़ता है।
चारा घोटाला क्या है और कब हुआ ?
चारा घोटाला एक भ्रष्टाचार कांड था जिसमें उत्तर भारतीय राज्य बिहार के सरकारी खजाने से लगभग ₹ 940 करोड़ (2023 में ₹ 48 बिलियन या US$ 550 मिलियन के बराबर ) का गबन शामिल था।
चोरी में फंसे और गिरफ्तार लोगों में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, और साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा भी शामिल थे । इस घोटाले के कारण मुख्यमंत्री के रूप में लालू का शासन समाप्त हो गया। दिनेश्वर प्रसाद शर्मा पर एसएन सिन्हा से ₹ 300.60 करोड़ प्राप्त करने का भी आरोप है । 23 दिसंबर 2017 को लालू प्रसाद यादव को एक विशेष सीबीआई अदालत ने दोषी ठहराया, जबकि जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया।
Related Items
राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी: छात्र संघ चुनाव को लेकर सपाईयों ने दिया ज्ञापन, घोषणा न होने पर दी यह चेतावनी
पाकिस्तान सरकार का एक्स अकाउंट किया गया ब्लॉक
दिल्ली में अब मेयर भी बीजेपी का, आम आदमी पार्टी ने चुनाव से हटने का किया ऐलान