यमुना नदी के संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन

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बृज खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2014 से वह सरकार के मुखिया के रूप में देश के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं, लेकिन भारत की नदियों की दुर्दशा को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। 

ब्रज मंडल की जीवनदायिनी यमुना नदी के संरक्षण, कायाकल्प और पुनरोद्धार के लिए रिवर कनेक्ट अभियान के संयोजक बृज खंडेलवाल ने भारत के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन में उन्होंने यमुना नदी की गंभीर स्थिति को उजागर करते हुए तत्काल उपचारात्मक उपायों की मांग की है।

बृज खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2014 से वह सरकार के मुखिया के रूप में देश के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं, लेकिन भारत की नदियों की दुर्दशा को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वे यमुना नदी के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाएं।

यमुना नदी का सांस्कृतिक और पारिस्थितिक महत्व
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि यमुना नदी केवल एक जल निकाय नहीं है, बल्कि यह आस्था, धार्मिक विरासत और श्रीकृष्ण भक्ति का एक अभिन्न अंग है। लाखों हिंदू इसकी पूजा करते हैं और इसका महत्व पारिस्थितिकी से लेकर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों तक फैला हुआ है।

ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें:

  • औद्योगिक और सीवेज प्रदूषण में कमी: नियमों का सख्त प्रवर्तन और प्रभावी उपचार संयंत्रों की स्थापना।
  • प्राकृतिक प्रवाह की बहाली: बाधाओं को हटाकर, ड्रेजिंग करके और सहायक नदियों को पुनर्जीवित किया जाए।
  • वनरोपण और आर्द्रभूमि संरक्षण: पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने और कटाव रोकने के लिए प्रयास किए जाएं।
  • टिकाऊ कृषि प्रथाओं को बढ़ावा: जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जैविक और पर्यावरण-अनुकूल कृषि को प्रोत्साहित किया जाए।
  • सामुदायिक सहभागिता और जागरूकता अभियान: जनता को यमुना संरक्षण में शामिल करने के लिए अभियान चलाया जाए।
  • अंतर-राज्यीय सहयोग: विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर नदी संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए।
  • नियमित निगरानी और मूल्यांकन: प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी प्रणाली लागू की जाए।
  • नीति ढांचे में यमुना संरक्षण को शामिल करना: राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नीति बनाई जाए।
  • पर्याप्त धनराशि आवंटित करना: नदी के कायाकल्प और संरक्षण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।
  • यमुना नदी को राष्ट्रीय विरासत नदी घोषित करना: सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को मान्यता देने के लिए इसे राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण का दर्जा दिया जाए।

रिवर कनेक्ट अभियान की अपील
बृज खंडेलवाल और उनकी टीम ने प्रधानमंत्री से इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेने और ठोस कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य की पीढ़ियों के लिए यमुना नदी का संरक्षण असंभव हो सकता है। पर्यावरण और संस्कृति की धरोहर के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को देखते हुए रिवर कनेक्ट अभियान को उम्मीद है कि सरकार यमुना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।