एएमयू में मंदिर निर्माण के समर्थन में उतरीं भाजपा नेत्री रूबी आसिफ खान, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे पत्र

Vishal Singh | अलीगढ़ | 119

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा था कि जब विश्वविद्यालय केंद्र सरकार के पैसे से संचालित होता है और वहां चार-पांच मस्जिदें हैं, तो एक मंदिर का निर्माण भी होना चाहिए। ठाकुर ने कहा कि यदि मंदिर बनता है, तो वह वहां निशुल्क कथा करने आएंगे।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में मंदिर निर्माण की मांग को लेकर चर्चित कथावाचक आचार्य देवकीनंदन ठाकुर के बयान को भाजपा नेत्री रूबी आसिफ खान का समर्थन मिला है। रूबी ने कहा कि वह पिछले एक महीने से इस प्रयास में लगी हुई हैं कि एएमयू परिसर में मंदिर बनना चाहिए। इसके लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी भेज चुकी हैं।

रूबी आसिफ खान का कहना है कि एएमयू में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के छात्र पढ़ते हैं, ऐसे में वहां एक मंदिर का होना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय का नाम अलीगढ़ यूनिवर्सिटी कर देना चाहिए, जिससे यह एक समावेशी पहचान बनाए। उनका मानना है कि मंदिर बनने से सामाजिक सौहार्द और मोहब्बत को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही इससे देश और अलीगढ़ का नाम रोशन होगा।

इससे पहले, वृंदावन के कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी अलीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान एएमयू में मंदिर निर्माण की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जब विश्वविद्यालय केंद्र सरकार के पैसे से संचालित होता है और वहां चार-पांच मस्जिदें हैं, तो एक मंदिर का निर्माण भी होना चाहिए। ठाकुर ने कहा कि यदि मंदिर बनता है, तो वह वहां निशुल्क कथा करने आएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म को आगे बढ़ाने के लिए बच्चों को गीता और रामायण पढ़ाई जानी चाहिए। सभी को तिलक लगाना, कलावा पहनना और धार्मिक आस्थाओं से जुड़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं में धार्मिक भटकाव पर चिंता जताते हुए मेरठ में हुई "नीले ड्रम" जैसी घटनाओं को इसका परिणाम बताया।

मीडिया से बातचीत में ठाकुर ने वक्फ कानून में हुए संशोधनों का समर्थन किया और कहा कि अब किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति बताना आसान नहीं होगा। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता पर भी जोर दिया। राजनीतिक मोर्चे पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं को भी आड़े हाथों लिया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर गोवंश और भगवान श्रीकृष्ण के अपमान का आरोप लगाया, वहीं सपा सांसद रामजीलाल सुमन के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को समय पर पद छोड़ना चाहिए, और ऐसे बयान नहीं देने चाहिए जो अनावश्यक विवाद को जन्म दें।