एडीए बोर्ड बैठक में अलीगढ़-खैर मुख्य मार्ग पर प्रस्तावित ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना पर आपसी सहमति के आधार पर क्रय की जाने वाली भूमि पर होने वाले अनुमानित व्यय 738.50 करोड़ का अनुमोदन दिया गया।
अलीगढ़ कमिश्नर रविन्द्र की अध्यक्षता में अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की 83वीं बोर्ड बैठक हुई। बोर्ड बैठक में एडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने विभिन्न प्रकार की विकास योजनाओं पर आधारित एजेण्डा प्रस्तुत किया। बोर्ड बैठक में 08 प्रस्ताव रखे गये, जिसमें ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना के भू उपयोग परिवर्तन, कर्मचारियों के पारश्रमिक में वृद्धि, इंजीनियर्स कॉलोनी के नियमितीकरण, ग्राम सुजानपुर में भू उपयोग परिवर्तन, पीएमयू के गठन के साथ ही प्रदेश सरकार से मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत आवंटित धनराशि के व्यय पर भी चर्चा की गई।
एडीए बोर्ड बैठक में अलीगढ़-खैर मुख्य मार्ग पर प्रस्तावित ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना पर आपसी सहमति के आधार पर क्रय की जाने वाली भूमि पर होने वाले अनुमानित व्यय 738.50 करोड़ का अनुमोदन दिया गया। अलीगढ़ को एक मॉडल और आधुनिक सुख-सुविधाओं से सुसज्जित एवं पूरी तरह सुरक्षित आवासीय टाउनशिप की सौगात मिली है। जल्द ही काम शुरू होगा।
खैर रोड पर 7 गांव मूसेपुर करीब जिरौली, जिरौली डोर, अटलपुर, अहमदाबाद, रूस्तमपुर अखन, जतनपुर चिकावटी एवं ल्हौसरा विसावन में सरकारी 20.11 हैक्टेयर एवं निजी 311.734 हैक्टेयर कुल 331.844 हैक्टेयर भूमि पर आवासीय योजना विकसित किये जाने का अनुमोदन प्राप्त हुआ था। ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना को शासन द्वारा मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण, नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत चयनित करते हुए 350 करोड़ की धनराशि सीड कैपीटल के रूप में स्वीकृत करने के सापेक्ष 150 करोड़ की धनराशि चालू वित्तीय वर्ष में व्यय करने के लिए प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जा चुकी है। कमिश्नर द्वारा योजना को हरी झण्डी दे दी है।
क्वार्सी बाईपास स्थित इंजीनियर्स सहकारी कॉलोनी के नियमितीकरण के सम्बन्ध में बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया कि कॉलोनी के आसपास सटी भूमि पर कुल भूमि के 15 प्रतिशत भूभाग पर यदि डवलपर द्वारा पार्क विकसित कर लिया जाए या फिर प्राधिकरण द्वारा सर्वे एवं सत्यापन के उपरान्त शमन की कार्यवाही संभव हो तो कॉलोनी के नियमितीकरण के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।
बोर्ड बैठक में प्राधिकरण सेवा के कार्मिकों के लिए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली को अंगीकृत किये जाने पर आयुक्त द्वारा हरी झण्डी प्रदान की गई, जिसका प्राधिकरण में कार्यरत 42 कार्मिकों एवं उनके आश्रितों को लाभ मिल सकेगा। बैठक में प्राधिकण की महत्वाकांक्षी योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई के गठन के प्रस्ताव को हरी झण्डी दी गयी। प्राधिकरण में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों का पारिश्रमिक बढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर सदस्यों में एक राय नहीं बन सकी।
बैठक में डीएम इन्द्र विक्रम सिंह, नगर आयुक्त अमित आसेरी, उपाध्यक्ष एडीए अतुल वत्स, सदस्य प्राधिकरण पूनम बजाज, ओएसडी साल्वी अग्रवाल, प्रभारी सचिव मनोज उपाध्याय, संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेन्द्र कुमार, अपर निदेशक कोषागार लियाकत अली, अधिशासी अभियंता लोनिवि, अधिशासी अभियंता आवास विकास सस्मित कटियार, सहायक नगर नियोजक प्रीती सागर आदि मौजूद थे।
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