2026 से साल में दो बार होगी CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षा

Vishal Singh | बड़ी खबर | 67

पहली परीक्षा मार्च-अप्रैल में और दूसरी परीक्षा सितंबर-अक्टूबर में होगी, छात्र अपनी सुविधानुसार किसी एक या दोनों परीक्षाओं में बैठ सकेंगे 

नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक बड़ा बदलाव किया है। 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। इस नए नियम के तहत छात्रों को परीक्षा देने के लिए दो मौके मिलेंगे, जिससे उन्हें अपने प्रदर्शन को सुधारने और बेहतर अंक हासिल करने का अवसर मिलेगा।

CBSE ने क्यों लिया यह फैसला?
CBSE ने इस नए फैसले को छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने और उनकी शैक्षणिक वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए लागू किया है। बोर्ड का कहना है कि इससे छात्र अपनी कमजोरियों को समझकर दूसरी परीक्षा में उन्हें सुधारने का अवसर पा सकेंगे।

कैसे होगी नई परीक्षा प्रणाली?
दो मौके: छात्रों को एक साल में दो बार परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा।
सर्वोत्तम अंक होंगे मान्य: यदि कोई छात्र दोनों परीक्षाएं देता है, तो उसकी बेहतर स्कोर वाली परीक्षा को अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा।
पहली परीक्षा मार्च-अप्रैल में और दूसरी परीक्षा सितंबर-अक्टूबर में हो सकती है।
छात्र अपनी सुविधा के अनुसार किसी एक या दोनों परीक्षाओं में बैठ सकते हैं।

छात्रों को मिलेगा फायदा
बोर्ड परीक्षा का तनाव होगा कम
अगर पहली बार नंबर कम आते हैं, तो दूसरी बार में सुधार का मौका मिलेगा
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहूलियत होगी

12वीं के लिए अभी कोई बदलाव नहीं
CBSE ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर अभी कोई बदलाव नहीं किया है। फिलहाल यह साल में एक बार ही आयोजित की जाएगी। हालांकि, भविष्य में इसे लेकर भी बदलाव हो सकता है।

शिक्षा मंत्रालय की राय
शिक्षा मंत्रालय ने इस फैसले को छात्रों के हित में बताया है। उनका कहना है कि इससे परीक्षा का डर कम होगा और छात्र अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। साथ ही, यह व्यवस्था उन छात्रों के लिए भी फायदेमंद होगी जो किसी कारणवश पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।

अभिभावकों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
अभिभावकों और शिक्षकों ने इस बदलाव को मिलाजुला रिस्पॉन्स दिया है। कुछ इसे छात्रों के लिए सकारात्मक पहल मान रहे हैं, जबकि कुछ को चिंता है कि इससे परीक्षा का महत्व कम हो सकता है।

नए सिस्टम से छात्रों को क्या करना होगा?
समय प्रबंधन सीखना होगा
पहली परीक्षा में ही बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करनी होगी
अगर पहली परीक्षा में अच्छा नहीं हुआ तो दूसरी में सुधार करने का मौका मिलेगा

CBSE का यह बदलाव भारत के शिक्षा तंत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 2026 से लागू होने वाली यह नई प्रणाली छात्रों के लिए कितनी फायदेमंद होगी, यह आने वाले वर्षों में ही स्पष्ट हो पाएगा।